कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन वात्सल्य अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अनाथ तथा आर्थिक रूप से कमजोर विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के पात्र बच्चों को सामुदायिक सहयोग से निजी स्पॉन्सरशिप का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को जिले के गणमान्य नागरिकों, व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों से संपर्क कर पात्र बच्चों को व्यक्तिगत रूप से स्पॉन्सर करने के लिए प्रेरित करने तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, देखभाल एवं बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों के कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन कराने तथा छात्रावासों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयीन वाहनों के कर्मचारियों का नियमित पुलिस सत्यापन, वाहनों के फिटनेस एवं सुरक्षा उपायों की नियमित जांच कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने विद्यालयीन वाहनों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा संपर्क के लिए मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का विद्यालयों एवं समुदाय स्तर पर दीवार लेखन तथा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

उन्होंने जिले के सभी छात्रावासों में बाल कल्याण समिति के सदस्यों के माध्यम से बच्चों से संवाद आयोजित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नाबालिग बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्पॉन्सरशिप योजना से लाभान्वित बच्चों की नियमित गृहभेंट कर उनकी समस्याओं का निराकरण एवं काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शांत शिरोमणि पयासी, सदस्य सचीन्द्र मिश्रा, रंजना मिश्रा, सिद्धार्थ तिवारी एवं अजीत द्विवेदी, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य धर्मेन्द्र शुक्ला, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के अशासकीय सदस्य आनंद परियानी, डॉ. रामशरण पाण्डेय एवं पुनीत त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवेश मिश्रा, परियोजना अधिकारी डॉ. शेषनारायण मिश्रा, परिवीक्षा अधिकारी अनुराग पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।