ग्राम ऐंती स्थित श्री शनि मंदिर पर शनिश्चरी अमावस्या के अवसर पर 10 अक्टूबर को आयोजित होने वाले शनि मेले की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव ने जिला अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले के लिए सौंपे गए दायित्वों का संबंधित अधिकारी स्वयं निर्वहन करें तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 8 अक्टूबर तक पूर्ण कर लें। शनि मेला 9 एवं 10 अक्टूबर को आयोजित होगा।

श्री भार्गव ने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, साफ-सफाई और पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। मेला ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के पहचान-पत्र जारी किए जाएंगे तथा ड्यूटी के दौरान प्रत्येक कर्मचारी के लिए पहचान-पत्र रखना अनिवार्य होगा।

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विभिन्न मार्ग निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली, मथुरा, आगरा, धौलपुर एवं मुरैना की ओर से आने वाले श्रद्धालु टेकरी-बिचौला-रिठौराकलां-ऐंती-शनि मंदिर मार्ग से पहुंचेंगे। इटावा, भिण्ड एवं मालनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रिठौराकलां-ऐंती-शनि मंदिर मार्ग निर्धारित किया गया है। झांसी, दतिया, शिवपुरी एवं ग्वालियर की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग से आने वाले श्रद्धालु पिपरैसा-शनिश्चरा रेलवे स्टेशन-गड़ाजर मार्ग से आवागमन कर सकेंगे।

बैठक में श्री भार्गव ने पुलिस विभाग को जंगल क्षेत्र के मार्गों पर गश्त, पार्किंग एवं मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी, आपातकालीन निकास तथा संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को चार एंबुलेंस, अस्थाई अस्पताल, पर्याप्त चिकित्सक, स्टाफ एवं दवाइयों की व्यवस्था करने तथा नाइयों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को मेला अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत, बैरिकेड एवं ड्रॉप गेट की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

पेयजल व्यवस्था के लिए टैंकर, मोटर एवं पाइपलाइन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ शनि मंदिर एवं मार्ग में स्थित पेयजल स्रोतों को चालू रखने के निर्देश दिए गए। नगर निगम एवं नगरीय निकायों को अग्निशमन वाहन, अस्थाई शौचालय एवं पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को आवारा गौवंश, जंगली जानवरों एवं मधुमक्खियों के छत्तों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

मेले में कानून-व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, प्रकाश, संचार, जनरेटर, भोजन, चिकित्सा, परिवहन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं का निरंतर निरीक्षण करें तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री आरके सिन्हा, एसडीएम मुरैना श्री अशोक चौहान, एसडीएम जौरा श्री शुभम शर्मा, एसडीएम अम्बाह श्रीमती प्रतिज्ञा शर्मा, एसडीएम सबलगढ़ श्री रामनिवास सिकरवार, नगर निगम आयुक्त श्री सत्येन्द्र धाकरे सहित जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहे।