सिवनी में दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है। आशादीप विशेष विद्यालय में बेंगलुरु के प्रतिष्ठित स्टार्टअप थिंकरबेल लैब्स द्वारा विकसित विश्व की पहली सेल्फ-लर्निंग ब्रेल डिवाइस ‘एनी’ पर आधारित अत्याधुनिक ‘ज्ञानदीप स्मार्ट लैब’ का शुभारंभ विधायक श्री दिनेश राय एवं कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों ने फीता काटकर लैब का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह भी उपस्थित रहीं।

ज्ञानदीप स्मार्ट लैब की स्थापना से अब आशादीप विशेष विद्यालय के दृष्टिबाधित बच्चे पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक की मदद से ब्रेल पढ़ना, लिखना और टाइप करना सीख सकेंगे। एनी डिवाइस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे शिक्षक की लगातार सहायता के बिना भी अपनी गति से ब्रेल सीखने और अभ्यास करने में सक्षम हो सकें।

150 साल पुरानी ब्रेल लर्निंग प्रक्रिया को मिला तकनीक का साथ

ब्रेल सीखने की पारंपरिक प्रक्रिया में बच्चों को स्लेट-स्टाइलस के माध्यम से अक्षरों और शब्दों का अभ्यास करना पड़ता है तथा सीखने की प्रक्रिया में प्रशिक्षित शिक्षक का लगातार मार्गदर्शन आवश्यक होता है। एनी इस प्रक्रिया को सेल्फ-लर्निंग और इंटरैक्टिव तरीके से आसान बनाती है। एनी को ब्रेल लिटरेसी के लिए एक थ्री-लेयर सॉल्यूशन के रूप में विकसित किया गया है। इसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कंटेंट तीनों स्तरों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।

हार्डवेयर: एनी डिवाइस में टैक्टाइल डिस्प्ले, टाइपराइटर की-बोर्ड और डिजिटल स्लेट की सुविधा उपलब्ध है। छह-सेल ब्रेल डिस्प्ले के माध्यम से बच्चे ब्रेल अक्षरों को स्पर्श से पढ़ने का अभ्यास कर सकते हैं। डिजिटल ब्रेल स्लेट पर स्टाइलस की सहायता से ब्रेल लिखना सीखा जा सकता है, वहीं की-बोर्ड के माध्यम से ब्रेल टाइपिंग का अभ्यास भी किया जा सकता है। इस तरह एक ही डिवाइस में ब्रेल पढ़ने, लिखने और टाइप करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सॉफ्टवेयर: एनी डिवाइस वाई-फाई इनेबल्ड है। इसमें हीलियस एनालिटिक्स की सुविधा है, जिसके माध्यम से शिक्षक बच्चों की लर्निंग प्रोग्रेस, स्पीड, अभ्यास और गलतियों को मॉनिटर कर सकते हैं। इससे शिक्षक को प्रत्येक बच्चे की सीखने की स्थिति की जानकारी मिलती रहती है।

कंटेंट: एनी का कंटेंट पूरी तरह ऑडियो-गाइडेड, गेमिफाइड और इंटरैक्टिव है। बच्चे गेम, एक्टिविटी, प्रैक्टिस और टेस्ट के माध्यम से ब्रेल सीख सकते हैं। बच्चा किसी प्रश्न का गलत उत्तर देता है तो डिवाइस ऑडियो के माध्यम से उसे दोबारा प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है और सही उत्तर देने पर तत्काल फीडबैक देती है।

आठ भाषाओं में उपलब्ध, ग्रेड-2 ब्रेल की भी सुविधा

एनी डिवाइस हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, गुजराती और बंगाली सहित 8 भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें ग्रेड-1 के साथ ग्रेड-2 ब्रेल सीखने की सुविधा भी है। ग्रेड-2 ब्रेल अपेक्षाकृत एडवांस्ड ब्रेल है, जिसका उपयोग पुस्तकों एवं विस्तृत लेखन में किया जाता है।

इस प्रकार एनी केवल ब्रेल अक्षरों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को पढ़ने, लिखने, टाइप करने और लगातार अभ्यास करने का एक संपूर्ण लर्निंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है।

टाइम मैगजीन ने दिया बेस्ट इन्वेंशंस ऑफ द ईयर का सम्मान

एनी डिवाइस को देश और दुनिया में कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। टाइम मैगजीन ने वर्ष 2022 में इसे ‘बेस्ट इन्वेंशंस ऑफ द ईयर’ में शामिल किया। इसके अलावा इसे नेशनल स्टार्टअप अवार्ड-2021, एमआईटी सॉल्व विनर-2022 तथा जीएसआर फाउंडेशन प्राइज जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं। यूएनडीपी द्वारा भी इसे मॉडल इंटरवेंशन के रूप में मान्यता दी गई है।

देश के साथ विदेशों में भी उपयोग

एनी डिवाइस का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा के लिए किया जा रहा है। झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इसके माध्यम से बच्चों को ब्रेल लिटरेसी की सुविधा मिल रही है। देश में 100 से अधिक केंद्रों पर 500 से अधिक डिवाइस के माध्यम से हजारों विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

नीति आयोग द्वारा भी एनी के मॉडल को एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स में दोहराए जा सकने वाले रिप्लिकेबल मॉडल के रूप में देखा गया है। वर्ष 2018 में रांची में पहला स्मार्ट क्लास स्थापित किया गया था।

विदेशों में भी एनी की तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। अमेरिका में इसे ‘पॉली’ नाम से जाना जाता है। अमेरिकन प्रिंटिंग हाउस फॉर द ब्लाइंड के माध्यम से अमेरिका के विभिन्न स्कूलों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है।

सिवनी के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण पहल

ज्ञानदीप स्मार्ट लैब की स्थापना से दृष्टिबाधित बच्चों को अपनी गति से सीखने और बार-बार अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। बच्चों को अपनी गलतियों को पहचानने और उन्हें सुधारने के लिए तत्काल फीडबैक मिलेगा। इससे उनमें स्वयं सीखने का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

लैब की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि हीलियस एनालिटिक्स के माध्यम से बच्चों की लर्निंग प्रोग्रेस को व्यवस्थित रूप से मॉनिटर किया जा सकेगा। इससे शिक्षक प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुसार उसकी पढ़ाई और अभ्यास की योजना बना सकेंगे।

विधायक एवं कलेक्टर ने बच्चों के साथ समझी एनी की कार्यप्रणाली

लैब के शुभारंभ के बाद विधायक श्री दिनेश राय एवं कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने एनी डिवाइस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। उन्होंने बच्चों को डिवाइस के माध्यम से अंक एवं शब्दों का ज्ञान प्राप्त करते हुए देखा। बच्चों से उनकी पढ़ाई और डिवाइस के माध्यम से सीखने के अनुभव के बारे में जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

विधायक श्री दिनेश राय ने कहा कि आधुनिक तकनीक को विशेष शिक्षा से जोड़ना समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशादीप विशेष विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग का आश्वासन दिया।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि एनी डिवाइस की स्थापना से आशादीप विशेष विद्यालय के बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का नया अवसर मिला है। यह पहल बच्चों को अपनी गति से सीखने और अधिक आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी।

भजन-गीतों ने बांधा समां, बच्चों के साथ किया भोजन

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद विशेष विद्यालय के बच्चों ने भजन एवं गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। उपस्थित अतिथियों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर विधायक एवं कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे आत्मीय संवाद किया। अतिथियों को अपने बीच पाकर बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए।

विभिन्न दानदाताओं की सहभागिता से स्थापित ‘ज्ञानदीप स्मार्ट लैब’ आशादीप विशेष विद्यालय के बच्चों के लिए आधुनिक ब्रेल शिक्षा का नया माध्यम बनेगी। सेल्फ-लर्निंग, ऑडियो गाइडेंस और इंटरैक्टिव तकनीक को ब्रेल लर्निंग से जोड़ने वाली यह पहल दृष्टिबाधित बच्चों को सीखने के बेहतर अवसर देने के साथ उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में एसडीएम श्रीमती पूर्वी तिवारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक, प्रबंधन एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।