कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने लखनवाड़ा क्षेत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य, पोषण एवं महिला-बाल विकास से संबंधित सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दोनों केंद्रों में संचालित गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं तथा हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर लखनवाड़ा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मीना ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने एएनसी पंजीयन, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, आवश्यक जांच एवं समय पर फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी भी ली।
इसके बाद कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र लखनवाड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण तथा केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा संबंधी गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उनकी सहभागिता देखी। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे नाश्ते एवं भोजन की गुणवत्ता का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने लखनवाड़ा में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य की जानकारी लेते हुए ग्राम पंचायत को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र एवं संपूर्ण परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले से विभागीय गतिविधियों की जानकारी लेते हुए दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं धात्री माताओं की नियमित निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
उन्होंने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर विशेष जोर देते हुए टीकाकरण से छूटे हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें समय पर आवश्यक टीके लगवाने, टीकाकरण सत्रों की नियमित निगरानी तथा अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व की जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की सतत मॉनिटरिंग, समय पर आवश्यक उपचार एवं फॉलोअप तथा पोषण आहार के नियमित वितरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे को आवश्यक सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज लारोकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।






