शहीद भगत सिंह शासकीय जिला चिकित्सालय बालाघाट में नेत्र रोग से पीड़ित मरीजों को लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में दो नेत्र रोग विशेषज्ञों के आपसी समन्वय से प्रतिदिन मरीजों की जांच, उपचार और मोतियाबिंद की सर्जरी की जा रही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति विद्या एवं डॉ. उन्नति पिछोड़े आपसी समन्वय के साथ मरीजों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। दोनों चिकित्सकों द्वारा एक दिन के अंतराल में सर्जरी की जाती है।

इसी व्यवस्था के तहत दोनों चिकित्सक बारी-बारी से ओपीडी सेवाएं भी प्रदान कर रही हैं, जिससे नेत्र रोगियों को नियमित उपचार मिल रहा है।

प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों की ओपीडी

सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। मरीजों की निःशुल्क जांच एवं उपचार किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रतिदिन औसतन 15 से 20 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में ऐसे मरीजों को राहत मिल रही है, जिन्हें मोतियाबिंद के कारण देखने में परेशानी हो रही थी।

अप्रैल से अब तक करीब 1050 ऑपरेशन

सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि अप्रैल 2026 से 17 सितम्बर 2026 तक करीब 1050 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन डॉ. अदिति विद्या एवं डॉ. उन्नति पिछोड़े द्वारा किए जा चुके हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जा रहा है। निःशुल्क उपचार और ऑपरेशन की सुविधा मिलने से मरीजों को आर्थिक राहत भी मिल रही है।

दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नेत्र विभाग की ओटी में मरीजों की सर्जरी एवं उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही इन सेवाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को समय पर नेत्र उपचार उपलब्ध कराना है।

चिकित्सकीय टीम भी निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका

नेत्र रोग विभाग में चिकित्सकों के साथ पूरी टीम मरीजों की सेवा में जुटी हुई है। श्री डी. बोपचे, नेत्र सहायक प्रबंधक; सोहन बारेकर एवं राधा जाट, नेत्र सहायक; सुनीता बास्के, इंचार्ज आई वार्ड; सीमा ब्रह्मे, ललिता श्रीरंग, अनिता गराडे एवं वर्षा ठाकरे, नर्सिंग ऑफिसर; निकिता शुक्ला, ओटी टेक्नीशियन; सत्यभामा, ओटी अटेंडेंट तथा मिथलेश बाहे, सपोर्ट स्टाफ द्वारा प्रतिदिन अपनी सेवाएं दी जा रही हैं।

जिला अस्पताल में नियमित रूप से हो रही मोतियाबिंद सर्जरी से जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और सहयोगी स्टाफ के समन्वय से संचालित यह व्यवस्था मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो रही है।